
*व्यापार आयोग के गठन और व्यापारियों को बुढ़ापा पेंशन देने की उठी मांग*
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने केंद्र सरकार के समक्ष रखीं चार प्रमुख मांगें
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच ने केंद्र सरकार से देश के व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए व्यापारी कल्याण आयोग के गठन की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि आयोग को संवैधानिक दर्जा एवं अलग बजट उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा सुनिश्चित की जा सके।
नारनौल में आयोजित संगठन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने कहा कि देश का व्यापारी सबसे अधिक कर (टैक्स) अदा करता है, लेकिन इसके बावजूद वह स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करता। उन्होंने कहा कि व्यापारियों पर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाती है, जो आवश्यक भी है, लेकिन जिन विभागों और एजेंसियों की जिम्मेदारी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करने की है, उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटना में किसी कर्मचारी या मजदूर की मृत्यु होती है तो व्यापारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करने से अक्सर बचा जाता है। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय दिलाना है।
*संगठन की चार प्रमुख मांगें*
राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने केंद्र सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें राखी
देश में व्यापारी कल्याण आयोग का गठन कर उसे संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
प्रत्येक व्यापारी को उसके द्वारा जमा किए गए टैक्स के अनुपात में बुढ़ापा पेंशन प्रदान की जाए।
जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक टैक्स देने वाले व्यापारियों को राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित किया जाए तथा राष्ट्रीय स्तर के व्यापारियों को राष्ट्रपति द्वारा सम्मान प्रदान किया जाए।
प्राकृतिक आपदा या आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में व्यापारियों की दुकानों का टैक्स के आधार पर बीमा एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
*18 राज्यों में संगठन का विस्तार*
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार सुरक्षा मंच का संगठनात्मक विस्तार देश के 18 राज्यों तक हो चुका है। संगठन ने प्रत्येक वर्ष एक लाख सक्रिय व्यापारी सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें इस वर्ष अब तक 50 हजार से अधिक सदस्य जोड़े जा चुके हैं। हरियाणा के सभी जिलों में संगठन की इकाइयों का गठन भी पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि संगठन का लक्ष्य देशभर के 30 करोड़ व्यापारियों को एक मंच पर संगठित करना है। इसी उद्देश्य से अगले वर्ष नई दिल्ली में एक विशाल राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में जिला प्रधान संजय गर्ग, जिला वरिष्ठ महामंत्री बिशन सैनी, प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील गौड़, संजय अग्रवाल सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

